November 30, 2025 04:28:49 am

सफलता की कहानी:: “तुम थक सकती हो, हार नहीं सकती” पिता के इन शब्दों को मंत्र मानकर इफ़राह हसन ने हासिल की बड़ी सफलता, UPSC की तैयारी जारी

Loading

सफलता की कहानी:: “तुम थक सकती हो, हार नहीं सकती” पिता के इन शब्दों को मंत्र मानकर इफ़राह हसन ने हासिल की बड़ी सफलता, UPSC की तैयारी जारी

tahalka1news

रुड़की । अकबरपुर धाड़ेकी निवासी इफ़राह हसन ने हाल ही में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के प्रतिष्ठित असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर चयनित होकर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे गांव और ज़िले का मान बढ़ाया है। भारतीय सरकार के ग्रेड-ए अधिकारी के रूप में उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

मरहूम एडवोकेट इज़हारुल हसन और डॉ. मेहनाज़ इज़हार की सुपुत्री इफ़राह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के अटूट समर्थन और अपने प्रियजनों की दुआओं को दिया है।

संघर्ष और अटूट संकल्प:

वर्तमान में दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहीं इफ़राह का सफ़र चुनौतियों भरा रहा है। उन्होंने साझा किया कि बीते वर्ष वह यूपीएससी और उत्तराखंड पीसीएस के साक्षात्कार में थोड़े अंतर से चयनित नहीं हो पाई थीं। हालांकि, इस असफलता ने उनके हौसले को डगमगाने नहीं दिया। अपने परिवार की प्रेरणा, विशेषकर अपने स्वर्गीय पिता के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने का संबल दिया।

पिता के शब्द बने प्रेरणास्रोत:

इफ़राह अपने मरहूम पिता एडवोकेट इज़हारुल हसन के योगदान को भावुकता से याद करती हैं। पिता के दिखाए रास्ते और उनके आत्मविश्वास बढ़ाने वाले शब्दों ने उन्हें हर मुश्किल दौर में सहारा दिया। इफ़राह बताती हैं, “पापा ने कभी हार मानना नहीं सिखाया।” उनके पिता के शब्द—”तुम थक सकती हो लेकिन हार नहीं सकती”—ही वह मंत्र रहे, जिन्होंने उन्हें इस सफलता के करीब पहुंचाया है।

पारिवारिक सहयोग का आभार:

इफ़राह ने अपनी माँ, डॉ. मेहनाज़ इज़हार से मिले धैर्य और अनुशासन, और अपने भाई फैसल इज़हार के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए भी हृदय से आभार व्यक्त किया।

अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए इफ़राह ने कहा, “परिवार और अपनों की दुआओं ने मुझे हर मोड़ पर शक्ति दी। मैं उनकी आशाओं और पापा के सपनों को पूरा करने के लिए और भी अधिक परिश्रम करूंगी। मीलों चलना है अभी, मुझे कहीं और ऊँचाई तक पहुंचना और देश सेवा में अपना योगदान देना है।”
इफ़राह की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत, अटूट विश्वास और अपनों का आशीर्वाद हो, तो हर लक्ष्य को हासिल करना संभव है। उनकी कहानी यकीनन कई aspiring civil servants के लिए एक मार्गदर्शक का काम करेगी।  C/P

प्रमुख खबरे