April 23, 2026 05:35:16 pm

राजपुर में सैकड़ों साल पुरानी ‘नो गजा मजार’ पर चला बुलडोजर,प्रशासन ने बताया अवैध कब्जा

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राजपुर में सैकड़ों साल पुरानी ‘नो गजा मजार’ पर चला बुलडोजर,प्रशासन ने बताया अवैध कब्जा

नोटिश के बाद भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए खादिम,हरिद्वार प्रशासन की कार्रवाई से क्षेत्र में उठे सवाल

tahalka1news

हरिद्वार, 22 अप्रैल 2026। सलेमपुर क्षेत्र में स्थित सैकड़ों वर्षों पुरानी ‘नो गजा मजार’ को बुधवार को जिला प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर अधिकारियों ने इसे सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बताया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।

जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी इस मजार को लेकर विभाग की ओर से पहले ही खादिमों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में संबंधित पक्ष से भूमि और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि निर्धारित समयावधि के भीतर कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अमल में लाया।
बुधवार सुबह प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से मजार को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान एसडीएम जितेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर तैनात रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रदेशभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं, इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा केवल एक विशेष समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य धर्मों से जुड़े अवैध निर्माणों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग की भूमि पर अन्य धार्मिक संरचनाएं भी मौजूद हैं, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में यह मामला अब निष्पक्षता और समानता के सवालों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अन्य अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई करता है या नहीं, या फिर यह विवाद आगे और गहराता है।

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