July 5, 2026 11:24:46 pm

ऑपरेशन प्रहार के तहत उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई, फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में पलविंदर सिंह गिरफ्तार

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ऑपरेशन प्रहार के तहत उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई, फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में पलविंदर सिंह गिरफ्तार

अभियान में अब तक 13 अभियुक्तों की गिरफ्तारी, 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस किए बरामद

tahalka1news

देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। अभियान के क्रम में एसटीएफ ने ऊधमसिंहनगर जनपद के काशीपुर क्षेत्र में सटीक सूचना के आधार पर दबिश देकर एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने एक ही लाइसेंस नंबर पर दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करवाकर उनके आधार पर दो अलग-अलग हथियार खरीद लिए थे।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान पलविंदर सिंह पुत्र स्वर्गीय धर्म सिंह (46 वर्ष), निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए एक ही लाइसेंस नंबर पर दो अलग-अलग फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराए और उनके जरिए हथियार हासिल किए।

एसटीएफ की टीम ने आरोपी के कब्जे से एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, एक .315 बोर राइफल तथा चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने फर्जी लाइसेंस तैयार किए जा चुके हैं।

उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक की कार्रवाई बेहद प्रभावी रही है। अभियान में अब तक 13 अभियुक्तों की गिरफ्तारी, 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि पुलिस फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियार रखने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है।

एसटीएफ ने प्रदेश के सभी फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वे स्वयं आगे आकर अपने हथियार और लाइसेंस संबंधित अधिकारियों के समक्ष जमा कर दें। अन्यथा जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी तथा हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कनवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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