March 22, 2026 05:30:38 am

​प्रसिद्ध दरगाह पर ‘DM का सर्जिकल स्ट्राइक’: प्रबंधक के वित्तीय अधिकार सीज, ‘दान की तिजोरी’ अब सरकारी लॉक में,​करोड़ों के दान पर ‘जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई

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​​प्रसिद्ध दरगाह पर ‘DM का सर्जिकल स्ट्राइक’: प्रबंधक रजिया के वित्तीय अधिकार सीज, ‘दान की तिजोरी’ अब सरकारी लॉक में,​करोड़ों के दान पर ‘जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई

tahalka1news

कलियर, उत्तराखंड। धार्मिक संस्थाओं के धन के दुरुपयोग और मनमाने प्रबंधन पर उत्तराखंड सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट उदाहरण देते हुए, जिलाधिकारी (DM) ने पिरान कलियर स्थित एक प्रसिद्ध दरगाह के प्रबंधक रजिया के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। DM ने तत्काल प्रभाव से दरगाह प्रबंधक के सभी वित्तीय अधिकार (Financial Powers) सीज कर दिए हैं और दरगाह के कोष को सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया है।

​’वित्तीय तख्तापलट’: पावर का पूर्ण अधिग्रहण

​यह कार्रवाई उस समय हुई जब प्रशासन को दरगाह में जमा होने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के दान और चंदे के फंड में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और दुरुपयोग के ठोस प्रमाण मिले। DM के इस कदम को विशेषज्ञों द्वारा एक ‘वित्तीय तख्तापलट’ के रूप में देखा जा रहा है। अब दरगाह का कोई भी खर्च, भुगतान, या निवेश—चाहे वह छोटा हो या बड़ा—जिलाधिकारी की सीधे मंजूरी के बिना नहीं हो सकता। प्रबंधक रजिया की सालों से चली आ रही असीमित वित्तीय स्वतंत्रता एक ही झटके में समाप्त हो गई है।

[ज़िला प्रशासन के करीबी सूत्र]

​सूत्रों के अनुसार, यदि प्रबंधक रजिया 7 दिन के भीतर संतोषजनक और कर्मचारियों प्रमाणित हिसाब देने में विफल रहते हैं, तो न केवल उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ गबन और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों के तहत कानूनी कार्यवाही और गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है।

​“यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक आस्था की आड़ में अब किसी को भी वित्तीय अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है।