June 19, 2026 01:01:41 am

एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: ट्रामाडोल नशा तस्करी नेटवर्क का अहम सहयोगी गिरफ्तार, 35 लाख के कारोबार का खुलासा

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एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: ट्रामाडोल नशा तस्करी नेटवर्क का अहम सहयोगी गिरफ्तार, 35 लाख के कारोबार का खुलासा

‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत मिली बड़ी सफलता, सिद्धबली फार्मा स्टोर संचालक सचिन मनिहाल गिरफ्तार

tahalka1news

हरिद्वार/देहरादून। उत्तराखण्ड को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूलों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए मुजफ्फरनगर स्थित श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर के संचालक और तस्करी गिरोह के प्रमुख सहयोगी सचिन मनिहाल पुत्र सुरेश को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न दवा कंपनियों से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल मंगवाकर उत्तराखण्ड में सप्लाई कर करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था।

यह कार्रवाई 11 मई 2026 को हरिद्वार जनपद के थाना मंगलौर क्षेत्र से बरामद 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूलों के मामले की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। उस समय एसटीएफ/एएनटीएफ और मंगलौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद किए गए थे, जिसके संबंध में थाना मंगलौर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशों पर चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के अंतर्गत पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री अजय सिंह के निर्देशन में एएनटीएफ लगातार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत मामले की गहन जांच पुलिस उपाधीक्षक परवेज अली के पर्यवेक्षण में निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा द्वारा की जा रही थी।

विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच में यह तथ्य सामने आया कि मुजफ्फरनगर के जनकपुरी निवासी सचिन मनिहाल, जो श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर का संचालक है, उत्तराखण्ड में प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूलों की बड़े स्तर पर सप्लाई कर रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी देहरादून और हरिद्वार क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तियों के माध्यम से इन प्रतिबंधित दवाओं को पहुंचाता था। ट्रामाडोल कैप्सूलों को मूल कीमत से कई गुना अधिक दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाया जा रहा था।

जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और अभिलेखों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। एसटीएफ के अनुसार जनवरी 2026 से मई 2026 तक केवल एक दवा कंपनी से ट्रामाडोल कैप्सूल खरीदने के लिए लगभग 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी लंबे समय से बड़े पैमाने पर इस अवैध कारोबार में संलिप्त था।

पूछताछ के दौरान सचिन मनिहाल ने प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूलों की खरीद और उत्तराखण्ड में उनकी आपूर्ति किए जाने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद एसटीएफ ने उसे विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से ट्रामाडोल कैप्सूलों की खरीद और सप्लाई में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है।

एसटीएफ अब आरोपी की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और उसके नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई किन-किन राज्यों तक फैली हुई है। जांच एजेंसियां आरोपी के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगालने में जुटी हैं ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराधों में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को नशा मुक्त बनाने के लिए एसटीएफ और एएनटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा नशा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।

गिरफ्तार अभियुक्त
सचिन मनिहाल पुत्र सुरेश
निवासी – जनकपुरी, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
संचालक – श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर

बरामदगी प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूलों की खरीद एवं सप्लाई में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा,उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी,अपर उपनिरीक्षक मनोज बेनीवाल,अपर उपनिरीक्षक योगेन्द्र चौहान,हेड कांस्टेबल मनमोहन,कांस्टेबल दीपक चन्दोला,कांस्टेबल दीपक नेगी आदि सामिल रहे।

एसटीएफ की इस कार्रवाई को उत्तराखण्ड में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

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