भारत विकास परिषद मां चूड़ामणि शाखा भगवानपुर ने मनाया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग को बताया स्वस्थ जीवन का आधार
![]()
भारत विकास परिषद मां चूड़ामणि शाखा भगवानपुर ने मनाया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग को बताया स्वस्थ जीवन का आधार
बीडी इंटर कॉलेज में हुआ योगाभ्यास, योगाचार्य अंकित कुकरेती बोले— योग केवल व्यायाम नहीं, संपूर्ण जीवन दर्शन है
tahalka1news
भगवानपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद मां चूड़ामणि शाखा भगवानपुर द्वारा बीडी इंटर कॉलेज, भगवानपुर में योग अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सादगीपूर्ण, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें परिषद पदाधिकारियों, समाजसेवियों एवं क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लेकर योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योगाभ्यास से हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित योगाचार्य अंकित कुकरेती ने योग के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
योगाचार्य अंकित कुकरेती ने कहा कि योग भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपरा की लगभग 5000 वर्ष पुरानी अमूल्य धरोहर है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्म संक्रांति के दिन भगवान शिव ने अपने शिष्यों को योग का ज्ञान प्रदान किया था, जिसके बाद महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित स्वरूप देकर मानव जीवन के लिए एक वैज्ञानिक पद्धति के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम या आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा विज्ञान है जो व्यक्ति की संपूर्ण जीवनशैली को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में परिषद के महासचिव संजय गर्ग ने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ है ‘जोड़ना’। योग मनुष्य के तन को मन से, मन को आत्मा से और आत्मा को परम चेतना से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन और शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करता है। वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
शाखा अध्यक्ष पुष्पराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी है। योग ने कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कटक तक पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। आज विश्व के अनेक देशों में योग के माध्यम से भारत की संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्यों का सम्मान बढ़ा है।
मीडिया प्रभारी संजय पाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 11 दिसंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे विश्व समुदाय का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। इसके बाद से प्रतिवर्ष 21 जून को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है और करोड़ों लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग करने, अपने परिवार और समाज को योग के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अमरीश चौहान, धनंजय चौहान, निखिल अग्रवाल, सुधीर सैनी, ओम सिंह, अनूप घनशाला, नेत्रपाल, सैयद त्यागी, हर्षित शर्मा, बृजमोहन, रोहित कुमार, अशोक कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती कल्पना सैनी ने अत्यंत सरल, सहज एवं प्रभावशाली ढंग से किया, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। अंत में योग, स्वास्थ्य एवं राष्ट्रहित के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

भारत विकास परिषद मां चूड़ामणि शाखा भगवानपुर ने मनाया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग को बताया स्वस्थ जीवन का आधार
रामनगर पुलिस की बड़ी सफलता: ₹20 हजार का इनामी अपराधी विशाल पासवान अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार
एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: ट्रामाडोल नशा तस्करी नेटवर्क का अहम सहयोगी गिरफ्तार, 35 लाख के कारोबार का खुलासा
बुग्गावाला थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस-बदमाश मुठभेड़, लुकमान के पैर में लगी गोली, साथी फरार
सिकरोड़ा में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, हजरत बाबा मोहब्बत अली शाह व बाबा शरीफ अहमद शाह का सालाना उर्स सम्पन्न