July 14, 2026 03:25:35 am

758वें सालाना उर्स की तैयारियां तेज, जेएम दीपक रामचंद्र सेठ ने पिरान कलियर मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण

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758वें सालाना उर्स की तैयारियां तेज, जेएम दीपक रामचंद्र सेठ ने पिरान कलियर मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण

उर्स से पहले दरगाह साबिर पाक क्षेत्र में जलभराव रोकने को हटाया अतिक्रमण, जायरीनों की सुविधाओं पर दिया विशेष जोर

tahalka1news

कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक (रह.) के 758वें सालाना उर्स( मेले) को लेकर दरगाह प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम तेज कर दिया है। उर्स में देश-विदेश से लाखों जायरीनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अभी से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।

इसी क्रम में रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ मंगलवार को पिरान कलियर पहुंचे। उनके साथ तहसीलदार रुड़की एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने पूरे मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक ध्यान बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या पर दिया गया। अधिकारियों ने पाया कि कई स्थानों पर नालों और नालियों पर किए गए अतिक्रमण के कारण बारिश का पानी सही तरीके से नहीं निकल पा रहा है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए नाला-नालियों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके और उर्स के दौरान जायरीनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने निरीक्षण के दौरान अस्थायी शौचालयों, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, सड़क मरम्मत, पार्किंग स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उर्स शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक कांवड़ यात्रा चलेगी और उसके तुरंत बाद 14 अगस्त से 758वां सालाना उर्स शुरू हो जाएगा। ऐसे में जिला प्रशासन के सामने दोनों बड़े आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

जेएम दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि बारिश से जायरीनों को राहत देने के लिए मेला क्षेत्र में जर्मन हैंगर लगाए जाएंगे। वहीं, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के लिए जल संस्थान की ओर से विभिन्न स्थानों पर पानी की टंकियां स्थापित की जाएंगी। सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो दो शिफ्टों में लगातार सफाई कार्य करेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए वाहनों की पार्किंग बाहर निर्धारित स्थानों पर कराई जाएगी, ताकि दरगाह परिसर और आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और जायरीन आसानी से आवागमन कर सकें।

गौरतलब है कि हज़रत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक (रह.) का सालाना उर्स देश के प्रमुख सूफी धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष लाखों अकीदतमंद दरगाह पहुंचकर जियारत करते हैं और उर्स की विभिन्न धार्मिक रस्मों में हिस्सा लेते हैं। इसी को देखते हुए दरगाह प्रशासन और जिला प्रशासन सभी व्यवस्थाओं को समय से पहले बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

निरीक्षण के दौरान ईओ कुलदीप सिंह चौहान, दरगाह एकाउंटेंट राव सद्दाम, सुपरवाइजर सैय्यद इंतखाब आलम, अफजाल अहमद, राव सिकंदर हुसैन, राव शारिक हुसैन, मोहम्मद हारून, असलम कुरैशी सहित दरगाह प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष भी उर्स के दौरान जायरीनों को बेहतर, सुरक्षित और सुचारु व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि विश्व प्रसिद्ध साबिर पाक दरगाह का सालाना उर्स शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न हो सके।

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